चित्र भारती राष्ट्रीय लघु फिल्म उत्सव की आयोजन समिति की घोषणा

चित्र भारती राष्ट्रीय लघु फिल्म उत्सव-2022’ की आयोजन समिति की घोषणा

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 प्रेसवार्ता में प्रख्यात फिल्म निर्देशक श्री विवेक अग्निहोत्री ने दी जानकारी

भोपाल। भारतीय चित्र साधना के प्रतिष्ठित ‘चित्र भारती राष्ट्रीय लघु फिल्म उत्सव-2022 (सीबीएफएफ-2022)’ का आयोजन 18 से 20 फरवरी, 2022 तक भोपाल में होना है। 14 सितम्बर मंगलवार को होटल पलाश में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रख्यात फिल्म निर्देशक श्री विवेक अग्निहोत्री और भारतीय चित्र साधना के महासचिव श्री अतुल गंगवार ने आयोजन समिति और आयोजन स्थल की घोषणा की। फिल्म फेस्टिवल का आयोजन बिशनखेड़ी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में होगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दिलीप सुर्यवंशी एवं सचिव श्री अमिताभ सोनी उपस्थित रहे।

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल के द्वारा जमीन से जुड़े लोगों की कहानियां भी आसानी से समाज में पहुंच सकेगी।

हमने संस्कृति को भारतीय सिनेमा से जोड़कर खत्म कर दिया है। हमारे हर उत्सव में आजकल सिनेमा के गाने बजाए जाते हैं। कहानियां ही राष्ट्र की संपत्ति बनती हैं। इसलिए ज़मीन और लोगों से जुड़ी कहानियां सिनेमा के माध्यम से समाज में पहुंचे, इसके प्रयास होने चाहिए।

उदारवादी व्यवस्था ने खत्म किए समस्याओं को मिटाने वाले नायक :

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि 1990 के बाद उदारवादी व्यवस्था के साथ सांस्कृतिक आक्रमण भी हुआ। पहले की फिल्मों में भारत का आम व्यक्ति समस्याओं से लड़ता हुआ और जीतता हुआ दिखाया जाता था। लेकिन अब विदेशों में जाकर प्रेम करते हुए ही दिखाया जाता है। फिल्मों से कॉमनमैन गायब हो गया। आज सिनेमा में झूठ दिखाया जा रहा है। क्योंकि भारतीय सिनेमा में फ़िल्म बनाने वाले लोग भारत की संस्कृति से जुड़े नहीं हैं। इसके साथ ही पिछले कुछ समय में विदेशी कंपनियों का दखल बढ़ गया है। आजकल ज्यादातर फिल्मों का कॉपीराइट विदेशी कंपनियों के पास है। भारतीय चित्र फ़िल्म फेस्टिवल जैसे आयोजनों की आवश्यकता है। ताकि भारत के क्रिएटिव लोगों को अपनी कहानियां बताने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि इस फ़िल्म फेस्टिवल की थीम बहुत आकर्षक हैं। इस अवसर पर फ़िल्म फेस्टिवल का पोस्टर भी लोकार्पित किया गया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि भोपाल में फिल्मों को लेकर काफी संभावनाएं हैं। भोपाल में फिल्म इंस्टीट्यूट बनाना हो या इससे संबंधित किसी भी कार्य के लिए वह सदैव तैयार हैं।

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पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए श्री विवेक अग्निहोत्री

भारतीय चित्र साधना के राष्ट्रीय लघु फिल्म उत्सव के चौथे संस्करण के लिए गठित आयोजन समिति में उपाध्यक्ष श्री संजीव अग्रवाल, श्री मयंक विश्नोई, श्री बीएस यादव, श्री अनुपम चौकसे, श्री लक्ष्मेन्द्र माहेश्वरी, श्री लाजपत आहूजा, सह-सचिव श्री आशीष भवालकर, कोषाध्यक्ष श्री दीपक शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष श्री इंदर सहोता, सदस्य डॉ. विश्वास चौहान, डॉ. अजय नारंग और श्री दिनेश जैन सहित अन्य सम्मानित नागरिक शामिल हैं। मध्यप्रदेश शासन ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश को समिति का नोडल अधिकारी बनाया है। संस्कृति विभाग, विश्व संवाद केंद्र मध्यप्रदेश, सतपुड़ा चलचित्र समिति एवं राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फिल्म फेस्टिवल के सह-आयोजक हैं। प्रेसवार्ता में भारतीय चित्र साधना के न्यासी श्री अजित भाई शाह भी उपस्थित रहे। श्री गंगवार ने फिल्म फेस्टिवल की प्रस्तावना प्रस्तुत की और प्रो. केजी सुरेश ने आयोजन स्थल एवं उससे जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित भोपाल में आयोजित इस तीन दिवसीय फिल्मोत्सव में देशभर से प्रख्यात फिल्मकार एवं कलाकार जुटेंगे, जो फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आ रही नयी पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत फिल्मों को 10 लाख के नकद पुरस्कार दिए जायेंगे। भारतीय चित्र साधना फिल्म क्षेत्र में भारतीय विचार के लिए कार्य करने वाली समर्पित संस्था है। यह संस्था प्रति दो वर्ष में राष्ट्रीय स्तर पर ‘चित्र भारती राष्ट्रीय लघु फिल्मोत्सव’ का आयोजन करती है। इसके अतिरिक्त वर्षभर विविध प्रकार की गतिविधियाँ एवं स्थानीय स्तर पर फिल्म समीक्षा, फिल्म प्रदर्शन, विमर्श, प्रशिक्षण एवं लघु फिल्म फेस्टिवल के आयोजन संस्था की ओर से किये जाते हैं। प्रत्येक दो साल पर होने वाले राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन इस बार मध्यप्रदेश की राजधानी एवं झीलों के शहर भोपाल में 18 से 20 फरवरी, 2022 तक होना तय है। मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बात है कि सीबीएफएफ छह साल के अंतराल के बाद इस प्रदेश में लौट रहा है। चित्र भारती के इस प्रतिष्ठित फिल्मोत्सव की शुरुआत ही मध्यप्रदेश की भूमि से हुई है। यह पहली बार वर्ष 2016 में राज्य के बहु-सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक केंद्र इंदौर में आयोजित किया गया था। वर्ष 2016 में राजपाल यादव, मनोज तिवारी, मधुर भंडारकर, केवी विजयेंद्र प्रसाद जैसी हस्तियों ने प्रतिभागियों और दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किए थे। उसके बाद दूसरा चित्र भारती फिल्मोत्सव 2018 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित हुआ, इस फिल्मोत्सव में 700 से अधिक प्रविष्टियाँ आयीं थीं। वहीं, सीबीएफएफ-2020 का आयोजन कर्णावती, गुजरात में हुआ, जिसमें अन्य दिग्गजों के साथ सुभाष घई और अब्बास-मस्तान जैसे प्रख्यात फिल्म निर्देशकों की भी मास्टर क्लास थी।

कोरोना महामारी ने फिल्म और टेलीविजन उद्योग सहित समाज जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है। परन्तु, कोरोना वायरस भारतीय लोगों की जीवटता को प्रभावित नहीं कर सका। यही कारण है कि हम विश्व में सबसे बेहतर ढंग से महामारी का मुकाबला कर पा रहे हैं। लॉकडाउन अवधि के दौरान फिल्म निर्माण गतिविधि को सक्रिय रखने की आवश्यकता को महसूस करते हुए और कोरोना स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिहाज़ से भारतीय चित्र साधना ने एक ऑनलाइन कोविड-19 लघु फिल्म समारोह का आयोजन भी किया था। इस आयोजन में लोगों ने 250 से अधिक प्रविष्टियाँ भेजीं थीं। इन फिल्मों के माध्यम से कोरोना के प्रति जन-जागरूकता का सन्देश दिया गया था।

भारतीय चित्र साधना भारत की परंपराओं और विविधता का सम्मान करती है और मनाती है और ऑडियो-विजुअल क्षेत्र में भी इसे संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। सीबीएफएफ का प्रत्येक संस्करण सामाजिक और राष्ट्रीय प्रासंगिकता के विषयों पर प्रविष्टियां आमंत्रित करता है। यह वर्ष भारत की स्वतंत्र के 75 वर्ष को याद करने का है। इसलिए ‘भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष’ और ‘स्वाधीन भारत के 75 वर्ष’ जैसे विषयों पर भी प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं। फेस्टिवल हेतु 1 सितम्बर से फिल्मकारों ने अपनी फ़िल्में भेजना शुरू कर दिया है।

इन 10 विषयों पर फ़िल्में आमंत्रित :

सीबीएफएफ-2022 के लिए विभिन्न श्रेणियों में 10 विषयों पर फ़िल्में आमंत्रित हैं। भारतीय फिल्म निर्माता 1 सितम्बर से 30 नवम्बर, 2021 तक अपनी फ़िल्में भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए चित्र भारती की वेबसाइट देख सकते हैं।

1. भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष

2. स्वाधीन भारत के 75 वर्ष

3. अनलॉकडाउन

4. वोकल फॉर लोकल

5. गाँव खुशहाल-देश खुशहाल

6. भारतीय संस्कृति और मूल्य

7. इनोवेशन- रचनात्मक कार्य

8. परिवार

9. पर्यावरण एवं ऊर्जा

10. शिक्षा एवं कौशल विकास

चित्र भारती की वेबसाइट : http://chitrabharati.org

 प्रेसवार्ता में प्रख्यात फिल्म निर्देशक श्री विवेक अग्निहोत्री ने दी जानकारी

भोपाल। भारतीय चित्र साधना के प्रतिष्ठित ‘चित्र भारती राष्ट्रीय लघु फिल्म उत्सव-2022 (सीबीएफएफ-2022)’ का आयोजन 18 से 20 फरवरी, 2022 तक भोपाल में होना है। 14 सितम्बर मंगलवार को होटल पलाश में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रख्यात फिल्म निर्देशक श्री विवेक अग्निहोत्री और भारतीय चित्र साधना के महासचिव श्री अतुल गंगवार ने आयोजन समिति और आयोजन स्थल की घोषणा की। फिल्म फेस्टिवल का आयोजन बिशनखेड़ी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में होगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दिलीप सुर्यवंशी एवं सचिव श्री अमिताभ सोनी उपस्थित रहे।

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल के द्वारा जमीन से जुड़े लोगों की कहानियां भी आसानी से समाज में पहुंच सकेगी।

हमने संस्कृति को भारतीय सिनेमा से जोड़कर खत्म कर दिया है। हमारे हर उत्सव में आजकल सिनेमा के गाने बजाए जाते हैं। कहानियां ही राष्ट्र की संपत्ति बनती हैं। इसलिए ज़मीन और लोगों से जुड़ी कहानियां सिनेमा के माध्यम से समाज में पहुंचे, इसके प्रयास होने चाहिए।

उदारवादी व्यवस्था ने खत्म किए समस्याओं को मिटाने वाले नायक :

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि 1990 के बाद उदारवादी व्यवस्था के साथ सांस्कृतिक आक्रमण भी हुआ। पहले की फिल्मों में भारत का आम व्यक्ति समस्याओं से लड़ता हुआ और जीतता हुआ दिखाया जाता था। लेकिन अब विदेशों में जाकर प्रेम करते हुए ही दिखाया जाता है। फिल्मों से कॉमनमैन गायब हो गया। आज सिनेमा में झूठ दिखाया जा रहा है। क्योंकि भारतीय सिनेमा में फ़िल्म बनाने वाले लोग भारत की संस्कृति से जुड़े नहीं हैं। इसके साथ ही पिछले कुछ समय में विदेशी कंपनियों का दखल बढ़ गया है। आजकल ज्यादातर फिल्मों का कॉपीराइट विदेशी कंपनियों के पास है। भारतीय चित्र फ़िल्म फेस्टिवल जैसे आयोजनों की आवश्यकता है। ताकि भारत के क्रिएटिव लोगों को अपनी कहानियां बताने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि इस फ़िल्म फेस्टिवल की थीम बहुत आकर्षक हैं। इस अवसर पर फ़िल्म फेस्टिवल का पोस्टर भी लोकार्पित किया गया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि भोपाल में फिल्मों को लेकर काफी संभावनाएं हैं। भोपाल में फिल्म इंस्टीट्यूट बनाना हो या इससे संबंधित किसी भी कार्य के लिए वह सदैव तैयार हैं।

भारतीय चित्र साधना के राष्ट्रीय लघु फिल्म उत्सव के चौथे संस्करण के लिए गठित आयोजन समिति में उपाध्यक्ष श्री संजीव अग्रवाल, श्री मयंक विश्नोई, श्री बीएस यादव, श्री अनुपम चौकसे, श्री लक्ष्मेन्द्र माहेश्वरी, श्री लाजपत आहूजा, सह-सचिव श्री आशीष भवालकर, कोषाध्यक्ष श्री दीपक शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष श्री इंदर सहोता, सदस्य डॉ. विश्वास चौहान, डॉ. अजय नारंग और श्री दिनेश जैन सहित अन्य सम्मानित नागरिक शामिल हैं। मध्यप्रदेश शासन ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश को समिति का नोडल अधिकारी बनाया है। संस्कृति विभाग, विश्व संवाद केंद्र मध्यप्रदेश, सतपुड़ा चलचित्र समिति एवं राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फिल्म फेस्टिवल के सह-आयोजक हैं। प्रेसवार्ता में भारतीय चित्र साधना के न्यासी श्री अजित भाई शाह भी उपस्थित रहे। श्री गंगवार ने फिल्म फेस्टिवल की प्रस्तावना प्रस्तुत की और प्रो. केजी सुरेश ने आयोजन स्थल एवं उससे जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित भोपाल में आयोजित इस तीन दिवसीय फिल्मोत्सव में देशभर से प्रख्यात फिल्मकार एवं कलाकार जुटेंगे, जो फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आ रही नयी पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत फिल्मों को 10 लाख के नकद पुरस्कार दिए जायेंगे। भारतीय चित्र साधना फिल्म क्षेत्र में भारतीय विचार के लिए कार्य करने वाली समर्पित संस्था है। यह संस्था प्रति दो वर्ष में राष्ट्रीय स्तर पर ‘चित्र भारती राष्ट्रीय लघु फिल्मोत्सव’ का आयोजन करती है। इसके अतिरिक्त वर्षभर विविध प्रकार की गतिविधियाँ एवं स्थानीय स्तर पर फिल्म समीक्षा, फिल्म प्रदर्शन, विमर्श, प्रशिक्षण एवं लघु फिल्म फेस्टिवल के आयोजन संस्था की ओर से किये जाते हैं। प्रत्येक दो साल पर होने वाले राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन इस बार मध्यप्रदेश की राजधानी एवं झीलों के शहर भोपाल में 18 से 20 फरवरी, 2022 तक होना तय है। मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बात है कि सीबीएफएफ छह साल के अंतराल के बाद इस प्रदेश में लौट रहा है। चित्र भारती के इस प्रतिष्ठित फिल्मोत्सव की शुरुआत ही मध्यप्रदेश की भूमि से हुई है। यह पहली बार वर्ष 2016 में राज्य के बहु-सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक केंद्र इंदौर में आयोजित किया गया था। वर्ष 2016 में राजपाल यादव, मनोज तिवारी, मधुर भंडारकर, केवी विजयेंद्र प्रसाद जैसी हस्तियों ने प्रतिभागियों और दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किए थे। उसके बाद दूसरा चित्र भारती फिल्मोत्सव 2018 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित हुआ, इस फिल्मोत्सव में 700 से अधिक प्रविष्टियाँ आयीं थीं। वहीं, सीबीएफएफ-2020 का आयोजन कर्णावती, गुजरात में हुआ, जिसमें अन्य दिग्गजों के साथ सुभाष घई और अब्बास-मस्तान जैसे प्रख्यात फिल्म निर्देशकों की भी मास्टर क्लास थी।

कोरोना महामारी ने फिल्म और टेलीविजन उद्योग सहित समाज जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है। परन्तु, कोरोना वायरस भारतीय लोगों की जीवटता को प्रभावित नहीं कर सका। यही कारण है कि हम विश्व में सबसे बेहतर ढंग से महामारी का मुकाबला कर पा रहे हैं। लॉकडाउन अवधि के दौरान फिल्म निर्माण गतिविधि को सक्रिय रखने की आवश्यकता को महसूस करते हुए और कोरोना स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिहाज़ से भारतीय चित्र साधना ने एक ऑनलाइन कोविड-19 लघु फिल्म समारोह का आयोजन भी किया था। इस आयोजन में लोगों ने 250 से अधिक प्रविष्टियाँ भेजीं थीं। इन फिल्मों के माध्यम से कोरोना के प्रति जन-जागरूकता का सन्देश दिया गया था।

भारतीय चित्र साधना भारत की परंपराओं और विविधता का सम्मान करती है और मनाती है और ऑडियो-विजुअल क्षेत्र में भी इसे संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। सीबीएफएफ का प्रत्येक संस्करण सामाजिक और राष्ट्रीय प्रासंगिकता के विषयों पर प्रविष्टियां आमंत्रित करता है। यह वर्ष भारत की स्वतंत्र के 75 वर्ष को याद करने का है। इसलिए ‘भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष’ और ‘स्वाधीन भारत के 75 वर्ष’ जैसे विषयों पर भी प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं। फेस्टिवल हेतु 1 सितम्बर से फिल्मकारों ने अपनी फ़िल्में भेजना शुरू कर दिया है।

इन 10 विषयों पर फ़िल्में आमंत्रित :

सीबीएफएफ-2022 के लिए विभिन्न श्रेणियों में 10 विषयों पर फ़िल्में आमंत्रित हैं। भारतीय फिल्म निर्माता 1 सितम्बर से 30 नवम्बर, 2021 तक अपनी फ़िल्में भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए चित्र भारती की वेबसाइट देख सकते हैं।

1. भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष

2. स्वाधीन भारत के 75 वर्ष

3. अनलॉकडाउन

4. वोकल फॉर लोकल

5. गाँव खुशहाल-देश खुशहाल

6. भारतीय संस्कृति और मूल्य

7. इनोवेशन- रचनात्मक कार्य

8. परिवार

9. पर्यावरण एवं ऊर्जा

10. शिक्षा एवं कौशल विकास

चित्र भारती की वेबसाइट : http://chitrabharati.org

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