केरला story 2 (धर्मनिरपेक्षता और प्रगतिशीलता के मूल अर्थ पर उठते प्रश्न)

भारत की आत्मा उसकी धर्मनिरपेक्षता में निहित है—परंतु यह धर्मनिरपेक्षता “धर्म-विरोध” नहीं, बल्कि भारतीय दृष्टि में…

होलिका-दहन पर वामपंथी कलुष

स्मृति–विनाश की इस वैचारिक आग को पहचानिए, भारत की सांस्कृतिक स्मृति पर जितने हमले बाहरी आक्रान्ताओं…

सौ वर्षों की यात्रा में संघ की दशा बदली है, दिशा नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी

अंबाला शहर और अंबाला छावनी के ‘त्रि नगर तरुण स्वयंसेवक एकत्रीकरण’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…

भारत का सर्वांगीण विकास समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

लुधियाना, 26 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी तीन दिवसीय पंजाब…

संघ समाज से अलग कोई संस्था नहीं, बल्कि समाज का ही संगठित रूप है – डॉ. मोहन भागवत जी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने पठानकोट प्रवास के दौरान किरण…

संघ नहीं, समाज के कारण देश बड़ा हुआ, यह इतिहास में दर्ज होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

देहरादून, 23 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के उत्तराखंड प्रवास…

संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भरतपुर, 22 फरवरी। भरतपुर के श्री श्याम एवं प्रेत महाराज मंदिर परिसर खोर, हिसामडा में आयोजित…

भेदभाव मन का विषय, व्यवहार में परिवर्तन से ही भेदभाव मिटेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

“संघ यात्रा – नए क्षितिज, नए आयाम” विषय पर प्रमुख जन गोष्ठी एवं विविध क्षेत्र समन्वित…

22 फरवरी 1994 का पीओजेके संकल्प दिवस: ऐतिहासिक अन्याय का परिमार्जन और अखंड भारत का वैधानिक उद्घोष

पीओजेके संकल्प दिवस भारतीय इतिहास के कैलेंडर में 22 फरवरी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय…

संगठित हिन्दू समाज सुनिश्चित करेगा विश्व शांति एवं एकता का मार्ग

वैशाली नगर, चित्रकूट बस्ती (जयपुर) वैशाली नगर की चित्रकूट स्टेडियम में शनिवार को विराट हिंदू सम्मेलन…