संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भरतपुर, 22 फरवरी। भरतपुर के श्री श्याम एवं प्रेत महाराज मंदिर परिसर खोर, हिसामडा में आयोजित…

भेदभाव मन का विषय, व्यवहार में परिवर्तन से ही भेदभाव मिटेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

“संघ यात्रा – नए क्षितिज, नए आयाम” विषय पर प्रमुख जन गोष्ठी एवं विविध क्षेत्र समन्वित…

22 फरवरी 1994 का पीओजेके संकल्प दिवस: ऐतिहासिक अन्याय का परिमार्जन और अखंड भारत का वैधानिक उद्घोष

पीओजेके संकल्प दिवस भारतीय इतिहास के कैलेंडर में 22 फरवरी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय…

संगठित हिन्दू समाज सुनिश्चित करेगा विश्व शांति एवं एकता का मार्ग

वैशाली नगर, चित्रकूट बस्ती (जयपुर) वैशाली नगर की चित्रकूट स्टेडियम में शनिवार को विराट हिंदू सम्मेलन…

भोपाल फिल्म फेस्टिवल : ‘वोक’ संस्कृति, वैचारिक सबवर्शन और भारतीय समाज पर गहरा खतरा

भोपाल फिल्म फेस्टिवल को लेकर उठे विवाद केवल किसी आयोजन की नीति-समीक्षा भर नहीं हैं, बल्कि…

शतक: राष्ट्र निर्माण के 100 वर्ष

भारतीय सिनेमा के पर्दे पर समय-समय पर ऐसी फिल्में आती हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं,…

अमानवीय अत्याचारों के अंधकार में स्वराज्य का सूर्योदय: छत्रपति शिवाजी महाराज

छत्रपति शिवाजी महाराज का हमारे देश के इतिहास में जो योगदान है वह कितना महत्वपूर्ण है,…

सामाजिक समरसता समाज में एकता का आधार है – डॉ. मोहन भागवत जी

लखनऊ, 18 फरवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ…

शिक्षा और स्वास्थ्य सबको सुलभ होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित शोधार्थी संवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ.…

सामाजिक समरसता के लिए व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर प्रयास होने चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

निराला नगर स्थित सरस्वती विद्या मन्दिर के माधव सभागार में "कार्यकर्ता कुटुम्ब मिलन" कार्यक्रम में राष्ट्रीय…