अन्धकार और मलिनता में पनपने वाले, छिपकर निकलने वाले तथा झुण्ड को शक्ति मानने वाले वितृष्णा…
मीम राजनीति और सांस्कृतिक बेचैनी: Gen Z का डिजिटल विद्रोह
“काकरोच जनता पार्टी” जैसे इंटरनेट मीम-समुदायों को केवल मज़ाक, आलस्य या “बिगड़ी हुई Gen Z” कहकर…
The New Anatomy of Propaganda in India
Every age develops its own language of political warfare. In the Artificial Intelligence age, the most…
भारत की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव का वैश्विक उद्घोष
डॉ. भूपेन्द्र कुमार सुल्लेरेवरिष्ठ पत्रकार हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के दौरान…
स्वदेशी मेलोडी की मिठास रोम तक
कहते हैं कि कूटनीति बड़े-बड़े बंद कमरों में, भारी-भरकम फाइलों और सीरियस चेहरों के बीच होती…
डॉ. हेडगेवार और प.पू. गुरुजी : राष्ट्र-निर्माण एवं हिंदू संगठन का वैचारिक आधार
✍️श्री कैलाश चन्द्र भारत का राष्ट्र-चेतना-विमर्श केवल राजनीतिक संघर्ष की कहानी नहीं; यह समाज की आत्मा,…
भोजशाला और विश्व संवाद केंद्र मालवा
भोजशाला के विषय में ऐतिहासिक निर्णय आने के बाद संपूर्ण देश में जो उत्साह है वह…
लोककल्याण से टीआरपी तक: पत्रकारिता का देव ऋषि नारद से विचलन
03 मई- देवऋषि नारद मुनि जयंती विशेष पर। लेखक: अमित राव पवार, देवास (म.प्र.) – युवा…
बढ़ता तापमान और हमारी धरती माँ
जलती धरती माँ: बढ़ता तापमान और पर्यावरण संरक्षण लेखक: भूपेन्द्र भारतीय (अधिवक्ता व लेखक) जिस पुण्य…
प्रा. केलकर जी से विद्यार्थी परिषद में जीवन दृष्टि मिली, संघ में वह विकसित हुई – दत्तात्रेय होसबाले जी
साभार : VSK Bharat ‘प्रिय केलकर जी’ अभिवाचन कार्यक्रम में जीवंत हुआ संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव…