क्षमा एक अवसर है, विराम नहीं — पेरेंटिंग और सामाजिक निगरानी की ओर एक कदम

प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गयी क्षमा एवं संस्कारों के पुनर्निर्माण का अवसर लेखक: सुमित गर्ग…

संसद, प्रतीकात्मक राजनीति और चयनात्मक पारदर्शिता का प्रश्न

श्री राज नारायण द्विवेदी लोकतंत्र में संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि वह…

Scientific Deconstruct of Cockroaches

VSK Bharat Jantar Mantar protests were never just about students. From radical Islamists, Maoists, criminals, church,…

गुरु तत्व: सांत्वना नहीं, सत्य का संहारक रूप और नव-जागरण उद्गाता..

श्रीपाद अवधूत की कलम से आज गुरु पूर्णिमा है, जिसे सनातन परंपरा में व्यास पूर्णिमा के…

कारगिल विजय दिवस: शौर्य, राष्ट्रवादी चेतना और कूटनीतिक विजय का स्वर्णिम अध्याय

लेखक: डॉ सुशील कुमार शर्मा हर साल 26 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में केवल…

नमन मेरे देश के युवाओं: तुमने सबका सर गर्व से ऊँचा कर दिया

हम बचपन से यह सुनते आए हैं कि जब-जब यह देश किसी संकट के दौर से…

सांस्कृतिक अवमूल्यन के साथ समस्या निवारण संभव नहीं होगा

शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था की उत्कृष्टता किसी भी समाज के उत्कर्ष की ध्योतक होती है। दोनो…

भोजशाला – ज्ञान की निरंतरता का प्रतीक

श्री   प्रशांत पोळ ग्यारहवीं शताब्दी यह भारत के इतिहास का संधिकाल हैं। इस्लामी आक्रमण प्रारंभ…

The Weapon of Mass Mobilization

“Whoever controls the media, controls the mind”[i] The nature of political contestation in the twenty-first century…

मौसम विज्ञान, अल नीनो (El Niño), ला नीना La Niña के वैदिक संदर्भ और वृत्रासुर-वध का आज के वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण

बांगरु-बाण श्रीपाद अवधूत की कलम से मानव सभ्यता के आरम्भ से ही वर्षा जीवन, कृषि और…