इंदौर में स्वराज गौरव यात्रा ने बनाया रिकॉर्ड, भगवा साफा बांधे मातृशक्ति निकली दोपहिया वाहन रैली के साथ, रानी लक्ष्मीबाई का किया स्मरण

ये पहला अवसर है जब इंदौर में स्वराज गौरव को चिरस्थाई बनाने के लिए सामाजिक परिवेश में महिलाएं वाहन रैली के माध्यम से अपनी सशक्त भागीदारी का प्रदर्शन किया। आयोजक स्वराज अमृत महोत्सव समिति की सह संयोजक माला सिंह ठाकुर ने बताया कि आज हम सभी स्वराज के अमृत महोत्सव वर्ष के गर्व का अनुभव कर रहे हैं। देश की स्वाधीनता के लिए चले लंबे संघर्ष के कालखंड में अमर हुए बलिदानियों का स्मरण करने का यह सुअवसर है। देश – धर्म की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। जिनका स्मरण हम सदैव करते ही हैं। किंतु इस वर्ष विशेष अवसर है उन अज्ञात वीरांगनाओं, क्रांतिकारियों और उनके तपस्वी परिवारों के स्मरण के साथ ही अपनी संतान को देश के लिए न्यौछावर करने वाली वीर माताओं के स्मरण का इस निमित्त इंदौर शहर में विभिन्न आयोजन स्वराज ७५ अमृत महोत्सव समिति द्वारा किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज १८ जून, २०२२ शनिवार को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में मातृशक्ति की दोपहिया वाहन रैली लालबाग और बाल विनय मंदिर से निकली। जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय जय रानी झांसी रानी के जोरदार नारे लगाते हुए किला मैदान पहुंची।
किला मैदान पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शहीद लेफ्टिनेंट गौतम जैन की माता वीरमाता सुधा जैन का सम्मान किया गया।


कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए माला सिंह ठाकुर ने कहा कि “स्वाधीनता के लिए असंख्य बलिदानों के स्मरण के साथ, स्व जागरण के इस कालखंड में हम सभी अपनी पूरी क्षमता के साथ मां भारती को परम वैभव पर पहुंचाने और आने वाली पीढ़ियों को स्व के भाव के साथ जोड़ना हमारी प्राथमिकता हो।
अध्यक्षता करते हुए सीएस मंजू मुंद्रा ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए, लक्ष्मीबाई के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की बात पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता कुक्षी जिले की ग्राम भारती की अध्यक्ष श्रीमती अमृता भावसार ने स्वाधीनता में मातृशक्ति के योगदान पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने कहा कि आज हम सभी को पुनः स्व के स्मरण और जागरण की आवश्यकता है। आज की पीढ़ी को देश और समाज से जोड़ने के साथ, कर्तव्य निर्वहन में भी समाज की भागीदारी की आवश्यकता प्रतीत होती है। महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका राष्ट्र और समाज निर्माण में है। हमारी मौलिक जिम्मेदारी युवा पीढ़ी को स्व जागरण के इस संकल्प के साथ राष्ट्रहित सर्वोपरि के भाव जागरण की भी है।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता अनघा साठे भी उपस्थित थी। संचालन स्वराज ७५ अमृत महोत्सव समिति से ग्रीष्मा त्रिवेदी ने किया और आभार समिति की सह संयोजिका प्रो. डॉ. सोनाली नरगुंदे ने माना।
स्वागत – आरती मिश्रा, ज्योति ठाकुर, श्रुति शेंद्रे, सुनीता दीक्षित, अमिता सिंह, सुचिता फड़नीस, संगीता चौहान,  प्रवीणा अग्निहोत्री, स्निग्धा मौर्य, सरिता कुन्हारे ने किया।
कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।
समिति ने इसके पश्चात महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा को 750 दीपकों से रोशन किया।

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