पिठोरी अमावस्या एवं बैल पोळा: मातृत्व, कृषि, पशु और प्रकृति के सह-अस्तित्व का सनातन दर्शन।

बांगरू-बाण श्रीपाद अवधूत की कलम से भारत के पर्व केवल पंचांग पर अंकित तिथियाँ नहीं हैं।…