
वर्ष 2026 में जुलाई तक सवा लाख लोगों ने संघ से जुड़ने के लिए करवाया ऑनलाइन पंजीकरण
जॉइन आरएसएस के माध्यम से पंजीकरण में जुलाई 2025 के मुकाबले जुलाई 2026 में ढाई गुना से अधिक की वृद्धि; आवेदन करने वाले 65 प्रतिशत 30 वर्ष से कम आयु वाले
विशाखापट्टनम, 18 अगस्त 2026।
विशाखापट्टनम के समीप स्थित गुड़िलोवा के ‘विज्ञान विहार’ विद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ‘अखिल भारतीय समन्वय बैठक’ आयोजित हो रही है। बैठक से पूर्व मंगलवार को विज्ञान विहार में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने बताया कि बैठक 19 अगस्त प्रातः 9:00 बजे शुरू होकर 21 अगस्त की शाम तक चलेगी। प्रतिवर्ष होने वाली अखिल भारतीय समन्वय बैठक में संघ की प्रेरणा से कार्य कर रहे कुल 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह और अन्य केंद्रीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
समन्वय बैठक में संघ प्रेरित विविध संगठनों जैसे भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ, राष्ट्र सेविका समिति सहित अन्य के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, अखिल भारतीय संगठन मंत्री और कुछ चयनित कार्यकर्ता भाग लेंगे। बैठक में विविध संगठनों से 49 महिलाओं सहित कुल 253 प्रमुख कार्यकर्ता और संघ के पदाधिकारियों को मिलाकर 327 प्रतिनिधि अपेक्षित हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक कोई निर्णय लेने वाली (कार्यकारी/एग्जीक्यूटिव) बैठक नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज हित में कार्यरत विभिन्न संगठनों के बीच आपसी अनुभवों को साझा करना है। बैठक में संगठनों में परस्पर समन्वय को बेहतर करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होगी।
समसामयिक स्थिति: देश की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परिवर्तन और समस्याओं को लेकर बैठक में चर्चा होगी। जनसांख्या असंतुलन, डेमोग्राफिक बदलाव तथा उससे उत्पन्न होने वाली चिंताओं व उपायों को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श होगा।
नशा मुक्ति: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं तथा आने वाले समय में सभी संगठन क्या कर सकते हैं, इस विषय पर भी बैठक में चर्चा होगी। नशा मुक्ति के साथ ही युवाओं में जागृति के लिए अन्य विषयों पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ द्वारा तय किए गए ‘पंच परिवर्तन’ के विषयों पर भी चर्चा की जाएगी –
* सामाजिक समरसता
* पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली
* कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्य)
* ‘स्व’ का भाव (स्वदेशी / स्व-जागरण)
* नागरिक कर्तव्यों का पालन
संघ के स्वयंसेवकों तथा विविध संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पंच परिवर्तन पर प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं। अब शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर इन विषयों को कैसे आगे ले जाना है तथा विभिन्न संगठनों की भूमिका पर भी बैठक में चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि विकास के मॉडल पर लगातार चर्चा होती है। हमारा कॉन्सेप्ट, विकास की अवधारणा क्या है। विकास केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, उसके विभिन्न आयाम जुड़े हुए हैं। बैठक में इन पर भी चर्चा होगी और आने वाले समय में विभिन्न संगठन अपनी योजना बनाएंगे। आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ सभी क्षेत्रों को संतुलित करने वाले एक समग्र ‘भारतीय विकास मॉडल’ पर विस्तृत चर्चा होगी।
संघ शताब्दी वर्ष के दौरान में समाज में आरएसएस के प्रति आकर्षण काफी बढ़ रहा है। संघ की वेबसाइट पर ‘जॉइन आरएसएस’ के माध्यम से वर्ष 2025 में जनवरी से जुलाई के बीच 55,423 लोगों ने संघ से जुड़ने के लिए पंजीकरण करवाया था, जबकि 2026 में इसी अवधि के दौरान संख्या ढाई गुना बढ़कर 1,23,287 हो गई है। जुलाई 2025 में संख्या 9,718 रही, जबकि जुलाई 2026 में 24,086 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की है। इनमें 30 वर्ष से कम आयु के युवा लगभग 65 प्रतिशत हैं और 40 वर्ष से कम आयु के लोग 85 प्रतिशत हैं।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दक्षिण मध्य क्षेत्र के सह संघचालक दूसी रामकृष्ण जी, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी जी उपस्थित रहे।