रोज़ी-रोटी से पहले दर्शन नहीं, और संविधान के बाद मनुस्मृति नहीं – राहुल गांधी के विमर्श पर एक प्रश्न?

डॉ. बालाराम परमार स्वामी विवेकानंद ने कहा था “खाली पेट धर्म नहीं होता। भूखे आदमी के…

‘मनुस्मृति’ का एक श्लोक पढ़कर महिलाओं को ज्ञान देने निकले राहुल गांधी!

 (संकुचित राजनैतिक विमर्श बनाम शाश्वत सामाजिक सत्य) डॉ. मयंक चतुर्वेदी  वैचारिक शून्यता और तात्कालिक राजनैतिक लाभ…