भारतीय इतिहास केवल राजाओं और साम्राज्यों की गाथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत…
आलेख
महा लोक आनुष्ठानिक पर्व – गणगौर
डॉ. सुमन चौरे, लोक संस्कृतिविद्, भोपाल नौ दिनऽ की गणगौर म्हारा साहेबाऽरमणऽ जासोऽ वाड़ी मऽखोलो भरी…
गंगा सिर्फ नदी नहीं, भारत की आत्मा है! ‘समानता’ और ‘तर्क’ के नाम पर सनातन आस्था से खिलवाड़ कब तक?
▪️गंगा में आस्था बनाम आचरण: मर्यादा का प्रश्न या मानसिकता की चुनौती?▪️”जब आचरण ही चुनौती बन…
बंगाल को क्यों बचाने की ज़रूरत है ?— गोपाल सामंतो
by विश्व संवाद केंद्र छत्तीसगढ़ आज जब सम्पूर्ण देश राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” की पंक्तियों के बीच एक…
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: आधुनिक भारत में धर्मांतरण-नियमन का नया मानक – कैलाश चन्द्र
by विश्व संवाद केंद्र छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 : भारतीय संघीय ढाँचे में धर्मांतरण-नियमन…
केरला story 2 (धर्मनिरपेक्षता और प्रगतिशीलता के मूल अर्थ पर उठते प्रश्न)
भारत की आत्मा उसकी धर्मनिरपेक्षता में निहित है—परंतु यह धर्मनिरपेक्षता “धर्म-विरोध” नहीं, बल्कि भारतीय दृष्टि में…
होलिका-दहन पर वामपंथी कलुष
स्मृति–विनाश की इस वैचारिक आग को पहचानिए, भारत की सांस्कृतिक स्मृति पर जितने हमले बाहरी आक्रान्ताओं…
22 फरवरी 1994 का पीओजेके संकल्प दिवस: ऐतिहासिक अन्याय का परिमार्जन और अखंड भारत का वैधानिक उद्घोष
पीओजेके संकल्प दिवस भारतीय इतिहास के कैलेंडर में 22 फरवरी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय…
भोपाल फिल्म फेस्टिवल : ‘वोक’ संस्कृति, वैचारिक सबवर्शन और भारतीय समाज पर गहरा खतरा
भोपाल फिल्म फेस्टिवल को लेकर उठे विवाद केवल किसी आयोजन की नीति-समीक्षा भर नहीं हैं, बल्कि…
“भौंगर्या हाट–बाज़ार: भ्रम, वास्तविकता और जनजाति समाज का जीवंत सत्य”
भौंगर्या हाट–बाज़ार मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्रों की शताब्दियों पुरानी आर्थिक और सामाजिक परंपरा है, जिसे…