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विवेकानंद स्मृति सेवा न्यास द्वारा संवर्धिनी मातृशक्ति सम्मेलन शाजापुर के सरस्वती विद्या मंदिर दुपाड़ा रोड पर आयोजित किया गया जिसमें शाजापुर जिले के विभिन्न गांव -नगरों से 18 वर्ष से ऊपर की प्रबुद्ध युवतियां एवं महिलाएं लगभग 2300 की संख्या में एकत्रित हुई।
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, भारत की संस्कृति समृद्धता का आधार भारत की पारिवारिक जीवन शैली है पारिवारिक मूल्यों को दृढ़ता प्रदान करने का कार्य मातृशक्ति का ही रहा है इसलिए भारत को भारत माता कहकर स्त्रीत्व को सम्मान दिया गया है समाज में इस भाव की दृढ़ता बनाए रखने के लिए महिलाओं के बीच इस विमर्श का मनन चिंतन के लिए समाज की प्रबुद्ध वर्ग की महिलाओं का सम्मेलन आयोजित हुआ।
मुख्य वक्ता अमृता जी भावसार निवासी कुक्षी के द्वारा समाज में महिलाओं की भूमिका एवं किस प्रकार से अपना कर्तव्य निभाना है एवं रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई का उदाहरण देते हुए महिलाओं की भूमिका बताई।
कार्यक्रम परिसर में गौ सेवा उत्पाद द्वारा विभिन्न प्रकार की दवा एवं प्रोडक्ट का स्टॉल लगाया गया एवं सेवा भारती समिति द्वारा मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा एवं हस्त निर्मित सौंदर्य सामग्री एवं साहित्य प्रसार आयाम द्वारा पुस्तक परिचय एवं केन्द्र द्वारा स्टाल लगाया गया। आजिविका मिशन ने भी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्रियों का भी स्टॉल लगाया गया। द नोबल हॉस्पिटल द्वारा यहां आयी हुई महिलाओ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
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