
भारतीय सिनेमा के पर्दे पर समय-समय पर ऐसी फिल्में आती हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि इतिहास के पन्नों को हमारे सामने सजीव कर देती हैं। आशीष मॉल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष ‘ एक ऐसी ही भव्य और प्रेरणादायक फिल्म है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी सफर की अनकही गाथा को बड़ी खूबसूरती से बयां करती है।
यह फिल्म सिर्फ एक संगठन की कहानी नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, बलिदान और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण का एक बेहतरीन दस्तावेज है।
तकनीक और इतिहास का अद्भुत संगम इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसका तकनीकी पक्ष है। मेकर्स ने AI, CGI और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और एमएस गोलवलकर ‘गुरुजी’ जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को पर्दे पर इस तरह उतारा है कि वे बिल्कुल असली लगते हैं। अजय देवगन की दमदार आवाज में किया गया नरेशन फिल्म को एक अलग ही गंभीरता और गहराई प्रदान करता है।
कहानी जो दिल को छू लेगी फिल्म हमें 1925 के नागपुर की उन तंग गलियों में ले जाती है, जहाँ एक छोटा सा विचार दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक बन गया। कहानी डॉ. हेडगेवार के बचपन और उनके क्रांतिकारी संघर्षों से शुरू होकर संगठन के विस्तार तक पहुँचती है। फिल्म में दादरा और नगर हवेली की मुक्ति और कश्मीर संकट जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पलों में स्वयंसेवकों के साहसपूर्ण योगदान को बड़ी शिद्दत के साथ दिखाया गया है।
आपको यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए?
1. इतिहास की जानकारी: यह फिल्म भारत के उन ऐतिहासिक अध्यायों और अनकहे नायकों पर रोशनी डालती है जिनसे हमारी नई पीढ़ी अब तक अनजान है।
2. प्रेरणादायक संदेश: यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक सच्चा विचार और अटूट लगन बड़े से बड़े संकल्प को सिद्ध कर सकती है।
3. तकनीकी अनुभव: AI और VFX के जरिए इतिहास को महसूस करने का यह एक अनोखा सिनेमैटिक अनुभव है जिसे मिस नहीं किया जाना चाहिए।
4. मानवीय पहलू: यह फिल्म उन आम स्वयंसेवकों और उनके परिवारों की भावनाओं और बलिदानों की कहानी है जिन्होंने बिना किसी नाम की चाहत के राष्ट्र सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
अंतिम फैसला: ‘शतक’ एक ईमानदार, भव्य और प्रभावशाली फिल्म है जो आपको भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को एक नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर देती है। यह फिल्म हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है जो भारत के मॉडर्न इतिहास और वैचारिक यात्रा को समझना चाहता है। इसे अपने परिवार के साथ जरूर देखें!
कपिल कर्णिक